Sunday, August 3, 2014

On Friendship Day....

 मिलें  जो  मेरे  दोस्त  को
वो  खुशियाँ  बेशुमार  हों .
बनें हर कदम  यादगार उसके
जो उसके जैसे दिलदार हों

संवर जाये  ज़िन्दगी उसकी कि जैसे
खिलता कोई गुलाब हो
मिले जाए वो अपने  हमसफ़र से
जिस लम्हे सुरमयी  शाम हो

निखर जाये  उसकी क़ाबलियत
जिसका अपना कोई  आसमान हो
हो जाये हर अरमान पूरा उसका
जिसकी मुद्दतों से उसे तलाश हो ....

जी जाये हर लम्हा वो अपनी ज़िंदगी के
जिसका वो असली हकदार हो
मिल जाये मेरे दोस्त को वो मज़िल
जिसकी ख़ुदा को भी तलाश हो ....

 मिलें  जो  मेरे  दोस्त  को
वो  खुशियाँ  बेशुमार  हों .......


(A small tribute to my friend and friendship)-Happy friendship Day