Sunday, September 30, 2012

क्या वो तुम हो?

बाँहों में अपने
सारा जहाँ समेटे
क्या वो तुम हो?

साँसों में अपनी
मेरे एहसास समेटे
क्या वो तुम हो?

जज्बातों को लफ्ज़,
अब तक थामे हैं जिसके
क्या वो तुम हो?

कुछ सवाल-
हर शाम इधर  से जाते हैं,
कुछ जवाब-
हर शाम उधर  से आते हैं
और कुछ मुस्कुरा कर कहते हैं
क्या वो तुम हो?
क्या वो तुम हो?

Thursday, September 27, 2012

तुम ज़रा सा मुस्कुराओ,

तुम ज़रा सा मुस्कुराओ,
ज़िन्दगी मुस्कुराएगी.

तुम ज़रा सा गुनगुनाओ,
 ज़िन्दगी गीत गाएगी

हर सांस के एहसास को,
ख्वाहिशों ने जो बंद रखा है.

तुम ज़रा-सा जी जाओ,
ज़िन्दगी जी जाएगी.

कोशिशें हो हर बार ये -
कि वो  बातें जिंदा रह सकें.

फिर ढूंढना न होगा हर बार यूँ ही,
वो  ज़िन्दगी तुम्हारी, तुम्हें तुम्हें मिल जाएगी.

तुम ज़रा सा मुस्कुराओ,
ज़िन्दगी मुस्कुराएगी......

Saturday, September 15, 2012

Eternal Dream: A Quest

May i live in a dream,where-
my soul is free, to swim into deep.

May i live in my own dream, where-
desires flow like a natural beam.

May i live in a dream, where-
worldly blessings seems just so mean.

May i live in a dream where-
i can find  a childlike sleep.

May i live in a dream where-
the torrents thrives always within me.

I am in a quest for this one dream,
in countless dreams, through several sleeps.

But when i will embrace this final dream
i know my friend- i will be in my last sleep.....................

Tuesday, September 11, 2012

a song of freedom.....

A molten beauty
of an evening
in the cage of a tyrant scorching day

a heart 
in a solitude 
finds itself in a timeless dismay.

they say-
there is a carnival 
to the other side of the wall

O wind!
sway me-
 to the other side 

before the joy of-
dancing spring 
silently decay ........